मानसून से पहले उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, एक साथ मिलेगा तीन माह का राशन

मानसून सीजन की शुरुआत से पहले उत्तराखंड सरकार ने आम लोगों की सुविधा और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के दुर्गम, पर्वतीय और आपदा संभावित क्षेत्रों में रहने वाले राशन कार्ड धारकों को एक साथ तीन महीने का राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में भी लोगों को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को समय से पहले राशन भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस किया जा रहा है जहां हर वर्ष बारिश के कारण सड़कें बंद हो जाती हैं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होती है।
सरकार का मानना है कि अग्रिम राशन वितरण से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और आपदा की स्थिति में खाद्यान्न संकट की आशंका कम होगी। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन को भी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम को राज्य की आपदा प्रबंधन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की घटनाएं आम हैं। ऐसे में पहले से राशन उपलब्ध कराना एक दूरदर्शी निर्णय है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सकेगी। सरकार के इस फैसले का लाभ विशेष रूप से दूरस्थ गांवों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है।



