Keyaa Banerji: 140kg डेडलिफ्ट के बाद ऑनलाइन ट्रोलिंग, लुक्स पर हुई चर्चा

भारतीय पावरलिफ्टर कीया कुणाल बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। 2026 IPF वर्ल्ड सब-जूनियर और जूनियर क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 140 किलोग्राम का डेडलिफ्ट उठाकर रजत पदक अपने नाम किया।
कीया ने जूनियर महिला 47 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। उनका वजन करीब 45.7 किलोग्राम था और उन्होंने अपने वजन के तीन गुने से भी ज्यादा भार उठाकर सबको हैरान कर दिया। डेडलिफ्ट में उनका प्रदर्शन प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण रहा।
हालांकि शानदार प्रदर्शन के बाद मिली लोकप्रियता कीया के लिए पूरी तरह सुखद नहीं रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी खेल उपलब्धि पर चर्चा करने के बजाय कई लोगों ने उनके लुक्स और निजी पहचान को लेकर टिप्पणियां करना शुरू कर दिया।
कीया के मुताबिक उन्हें ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी अकाउंट्स और उनकी तस्वीरों के गलत इस्तेमाल जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करके बड़ी संख्या में AI से तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरें बनाई गईं।
पावरलिफ्टर ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर काफी निजी जीवन जीती रही हैं और पहले भी बहुत कम तस्वीरें साझा करती थीं। अचानक मिली लोकप्रियता और उनके नाम से जुड़ी फर्जी सामग्री ने उनके लिए स्थिति को और असहज बना दिया।
कीया ने इस बात पर भी निराशा जताई कि महिला खिलाड़ियों को कई बार उनके प्रदर्शन के बजाय उनके शरीर और रूप-रंग के आधार पर आंका जाता है। उनके मामले में भी 140 किलोग्राम वजन उठाने की ऐतिहासिक उपलब्धि से ज्यादा ऑनलाइन चर्चा उनके लुक्स और व्यक्तिगत पहचान को लेकर हुई।
उनकी उपलब्धि को समझें तो कीया ने स्क्वाट में 90 किलोग्राम और बेंच प्रेस में 50 किलोग्राम का भार उठाया। तीनों लिफ्ट को मिलाकर उनका कुल स्कोर 280 किलोग्राम रहा और वह अपने वर्ग में ओवरऑल पांचवें स्थान पर रहीं।
डेडलिफ्ट स्पर्धा में कीया ने 140 किलोग्राम उठाकर सिल्वर मेडल जीता। फ्रांस की इनेस हर्बॉक्स ने 165 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। कीया का यह प्रदर्शन भारतीय पावरलिफ्टिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
ऑनलाइन विवाद के बीच कीया ने नया सोशल मीडिया अकाउंट भी बनाया ताकि अपनी उपलब्धियों और खेल से जुड़ी जानकारी को अपने तरीके से लोगों तक पहुंचा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कंटेंट क्रिएटर बनना या सोशल मीडिया से कमाई करना नहीं है।
कीया बनर्जी की कहानी केवल एक रजत पदक या 140 किलोग्राम की शानदार डेडलिफ्ट तक सीमित नहीं है। उनकी उपलब्धि महिला खिलाड़ियों के प्रति ऑनलाइन व्यवहार और AI के गलत इस्तेमाल जैसे गंभीर सवाल भी उठाती है। कीया अब इन सबके बीच अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करते हुए आगे और बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हैं।



