शीतल देवी ने एक दिन में जीते 2 गोल्ड मेडल, रचा इतिहास

भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन दो गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। 22 अक्टूबर को उन्होंने कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में तोमन कुमार के साथ भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इसके बाद महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में भी जीत हासिल कर उन्होंने अपने नाम एक और गोल्ड मेडल कर लिया।
मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने इंडोनेशिया के खिलाड़ियों को 151-148 से हराया। भारतीय जोड़ी ने पूरे मुकाबले में अच्छा तालमेल दिखाया और विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
इसके बाद शीतल देवी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदाह का सामना किया। मुकाबले में एक समय वह चार अंकों से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 142-139 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का खिताब अपने नाम किया।
शीतल देवी की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह बिना हाथों के जन्मीं और अपने पैरों की मदद से तीरंदाजी करती हैं। धनुष को संभालने और निशाना साधने की उनकी अनोखी तकनीक उन्हें दुनिया के विशिष्ट पैरा तीरंदाजों में शामिल करती है। उनका प्रदर्शन दिखाता है कि लगन, अभ्यास और आत्मविश्वास से मुश्किल चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में शीतल देवी ने अब तक दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किया है। उनका रजत पदक महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में पायल नाग के साथ आया था। इन उपलब्धियों के साथ शीतल ने भारतीय खेल प्रशंसकों को गर्व करने का अवसर दिया है।
शीतल देवी की यह सफलता भारतीय पैरा खेलों के लिए प्रेरणा है। उनकी उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत को दर्शाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन को भी उजागर करती है।



