लखनऊ में DL टेस्ट का बदला नियम, मौंदा सेंटर में ऑटोमेटेड टेस्ट

लखनऊ में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब आवेदकों को नए टेस्टिंग सेंटर पर ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। परिवहन विभाग ने 14 सितंबर 2026 से टेस्ट की व्यवस्था मौंदा स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर में शुरू कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत ट्रांसपोर्ट नगर और देवा रोड एआरटीओ कार्यालय के पुराने ट्रैक पर स्थायी DL के लिए ड्राइविंग टेस्ट नहीं लिया जाएगा। इन पुराने ट्रैक का इस्तेमाल अब मुख्य रूप से ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े आवेदकों के लिए किया जाएगा।
मौंदा सेंटर पर ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड और सेंसर आधारित होगा। ट्रैक पर लगे सेंसर वाहन की गतिविधियों और चालक की गलतियों को रिकॉर्ड करेंगे। इससे टेस्ट के परिणाम को अधिक मानकीकृत बनाने और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम करने में मदद मिलेगी।
नई प्रक्रिया में आवेदक की बायोमीट्रिक और दस्तावेजों की जांच पहले की तरह एआरटीओ कार्यालय में होगी। इसके बाद वाहन चलाने का वास्तविक परीक्षण नए ऑटोमेटेड ट्रैक पर किया जाएगा।
मौंदा स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर का उद्घाटन 30 जून को किया गया था। शुरुआत में यहां रोजाना करीब 150 आवेदकों के टेस्ट की क्षमता तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 300 टेस्ट प्रतिदिन किया गया।
ऑटोमेटेड टेस्टिंग शुरू करने का उद्देश्य ड्राइविंग टेस्ट में पारदर्शिता और एकरूपता बढ़ाना है। सेंसर और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से वाहन चलाते समय होने वाली गलतियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा, जिससे टेस्ट के मूल्यांकन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।
आवेदकों के लिए नए केंद्र की लोकेशन को ध्यान में रखना भी जरूरी है। मौंदा सेंटर ट्रांसपोर्ट नगर से नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया होते हुए सेंटर 12 और कानपुर रोड-किसान पथ की दिशा में करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की प्रक्रिया अब तकनीक आधारित हो गई है। स्थायी DL के लिए आवेदन करने वाले लोगों को नए ऑटोमेटेड सेंटर पर टेस्ट देना होगा, जबकि पुराने ट्रैक का इस्तेमाल नवीनीकरण वाले आवेदकों के लिए किया जाएगा।



