यूपी स्कूलों में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन, 1 अक्टूबर से स्वच्छता अभियान

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अब सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अक्टूबर में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा।
इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य स्कूल परिसरों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करना है। छात्रों और शिक्षकों को प्लास्टिक प्रदूषण के नुकसान के बारे में जागरूक किया जाएगा और रोजमर्रा की गतिविधियों में प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्कूलों में ई-कचरे के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर या निर्धारित संग्रहण स्थान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, चार्जर, केबल और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित तरीके से जमा किया जा सकेगा।
छात्रों को गीले और सूखे कचरे के साथ-साथ ई-कचरे की अलग-अलग श्रेणियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और Segregation की प्रक्रिया को भी समझाया जाएगा, ताकि स्कूल स्तर से ही Waste Management की आदत विकसित हो सके।
अभियान से पहले 15 से 30 सितंबर तक तैयारी का चरण रखा गया है। इस दौरान स्कूलों में निबंध, स्लोगन, पेंटिंग और मॉडल बनाने जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित कर विद्यार्थियों को पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के आयोजन के दौरान भी स्कूलों में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल परिसर की सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों में स्वच्छता और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाना है।
ई-वेस्ट अभियान के तहत विद्यार्थियों को पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और क्षतिग्रस्त बैटरियों को खुद खोलने या उनमें छेड़छाड़ न करने की सलाह दी जाएगी। सुरक्षित संग्रहण और उचित निस्तारण पर जोर दिया जाएगा। केंद्र सरकार के स्कूल ई-वेस्ट अभियान के दिशानिर्देशों में भी ऐसे कचरे के लिए अलग सुरक्षित संग्रहण व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
गौरतलब है कि भारत में चिन्हित कई सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं पर जुलाई 2022 से ही प्रतिबंध लागू है। अब स्कूलों में जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन के जरिए इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। यूपी के स्कूलों में अक्टूबर का अभियान बच्चों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



