दाल-तिलहन के दाम बढ़े, फेस्टिव सीजन में बढ़ सकती है महंगाई

देश में दालों और तिलहनों की कीमतों में तेजी ने फेस्टिव सीजन से पहले महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अरहर और चना जैसी प्रमुख दालों के साथ सोयाबीन और मूंगफली की कीमतों में भी पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
इस तेजी के पीछे बारिश की कमी और खरीफ फसलों पर मौसम का असर प्रमुख कारणों में शामिल है। कम बारिश से खड़ी फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही आगामी रबी सीजन के उत्पादन को लेकर भी चिंता बनी हुई है, जिससे कृषि जिंसों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
फेस्टिव सीजन के दौरान खाद्य वस्तुओं की मांग आमतौर पर बढ़ती है। ऐसे में यदि दालों और खाद्य तेलों की उपलब्धता पर मौसम का असर जारी रहता है, तो खुदरा बाजार में कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है। अगस्त 2026 में भारत की खाद्य महंगाई भी बढ़कर 5.95 प्रतिशत रही थी।
वहीं, खाद्य तेलों की कीमतों में भी तेजी दर्ज की जा रही है। भारत अपनी जरूरत के बड़े हिस्से का खाद्य तेल आयात करता है और सरकार बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आयात शुल्क में संभावित बदलाव पर विचार कर रही है।
नोट: अल नीनो और बारिश की कमी का कृषि उत्पादन व कीमतों पर असर मौसम की वास्तविक स्थिति और फसल उत्पादन पर निर्भर करेगा। इसलिए भविष्य में कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसे अभी निश्चित नहीं माना जा सकता।



