NSE IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम में पिछले कुछ दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, GMP पहले ₹300 के पार पहुंच गया था, लेकिन 19 सितंबर की दोपहर तक घटकर ₹87 रह गया। यह इसके उच्च स्तर से करीब 71% की गिरावट है।
NSE का IPO 17 सितंबर को खुला था और 21 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है, यानी इश्यू से मिलने वाली रकम NSE को नहीं बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।
दूसरे दिन तक NSE IPO को पूरा सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं। शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की उम्मीद है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम एक अनौपचारिक संकेतक है और यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता। इसलिए GMP में आई गिरावट को सीधे लिस्टिंग प्रदर्शन का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता।
NSE के वित्तीय प्रदर्शन पर भी बाजार की नजर है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का संचालन से राजस्व ₹16,601.31 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹17,140.67 करोड़ से अधिक कम है। इसी दौरान ट्रांजैक्शन फीस से होने वाला राजस्व भी करीब 4% घटकर ₹13,057.01 करोड़ रह गया।



