बालेन शाह ने तोड़ी VIP फेयरवेल परंपरा, पहली विदेश यात्रा पर अमेरिका
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह 22 सितंबर 2026 को अपनी पहली विदेश यात्रा पर अमेरिका के लिए रवाना हुए। वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में नेपाल का प्रतिनिधित्व करेंगे और 24 सितंबर को महासभा की आम बहस को संबोधित करेंगे।
इस यात्रा के दौरान नेपाल में लंबे समय से चली आ रही प्रधानमंत्री के औपचारिक एयरपोर्ट फेयरवेल की परंपरा को नहीं अपनाया गया। न गार्ड ऑफ ऑनर हुआ, न रेड कार्पेट बिछाया गया और न ही मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की पारंपरिक विदाई व्यवस्था की गई।
बालेन शाह ने क्यों बदली पुरानी परंपरा?
रिपोर्टों के मुताबिक बालेन शाह की अमेरिका यात्रा के दौरान त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कोई औपचारिक विदाई समारोह नहीं रखा गया। पहले प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के समय नेपाल सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता था और मंत्री, सुरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह तथा राजनयिक उन्हें विदा करने एयरपोर्ट पहुंचते थे।
नेपाली अधिकारियों के अनुसार इस बार देश में भोटेकोशी बाढ़ से हुई भारी तबाही को देखते हुए भव्य समारोह से बचने का फैसला किया गया। सरकार ने इसे मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप सादगी बरतने से जोड़ा है।
न रेड कार्पेट, न गार्ड ऑफ ऑनर
इस बार प्रधानमंत्री का काफिला सीधे विमान तक पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार मंत्रियों, विदेशी राजनयिकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी एयरपोर्ट पर विदाई के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। बालेन शाह कतर एयरवेज की नियमित उड़ान से दोहा होते हुए न्यूयॉर्क रवाना हुए।
पहले उन्हें सामान्य पैसेंजर एंट्रेंस से भेजने पर भी विचार किया गया था, लेकिन समय संबंधी कारणों से उन्होंने VVIP लाउंज के जरिए विमान तक पहुंच बनाई।
पहली विदेश यात्रा पर अमेरिका क्यों गए बालेन शाह?
प्रधानमंत्री बनने के बाद यह बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा है। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक उनका संबोधन 24 सितंबर को होगा।
न्यूयॉर्क में शाह की संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात भी निर्धारित है। नेपाल की ओर से जलवायु परिवर्तन, जलवायु-जनित आपदाओं और विकासशील देशों के सामने मौजूद चुनौतियों जैसे मुद्दे उठाए जाने की उम्मीद है।
बाढ़ का मुद्दा भी UN में उठाएंगे
बालेन शाह की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब नेपाल हाल की भोटेकोशी बाढ़ से हुई तबाही से जूझ रहा है। नेपाल सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपदा के प्रभाव, जलवायु न्याय और पुनर्निर्माण के लिए समर्थन की जरूरत को सामने रखने की तैयारी में है।
काठमांडू पोस्ट के अनुसार शाह के UNGA संबोधन में नेपाल में हालिया राजनीतिक बदलाव, Gen-Z आंदोलन और देश की नई सरकार की प्राथमिकताओं के साथ-साथ बाढ़ और जलवायु न्याय का मुद्दा भी प्रमुख हो सकता है।
सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ दौरा
शाह इस यात्रा में अपेक्षाकृत छोटे प्रतिनिधिमंडल के साथ गए हैं। उनके साथ मुख्य सलाहकार कुमार ब्यानजंकर, चीफ ऑफ प्रोटोकॉल कुमार खरेल, निजी फोटोग्राफर, सुरक्षा अधिकारी और एक प्रोटोकॉल अधिकारी हैं। विदेश मंत्री शिशिर खनाल पहले ही न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं।
बालेन शाह 26 सितंबर को नेपाल लौटने वाले हैं। उनके न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान UN महासचिव से मुलाकात के अलावा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नेपाल का पक्ष रखने की योजना है।
VIP कल्चर पर चर्चा क्यों?
बालेन शाह का यह कदम नेपाल में सरकारी और राजकीय प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा का विषय बना है। हालांकि इसे व्यापक प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल स्पष्ट रूप से सामने आया फैसला उनकी इस विदेश यात्रा के दौरान एयरपोर्ट पर होने वाली पारंपरिक विदाई को हटाने का है।
इस तरह नेपाल के प्रधानमंत्री की पहली विदेश यात्रा केवल UNGA में उनकी मौजूदगी के कारण ही चर्चा में नहीं है, बल्कि एयरपोर्ट पर वर्षों से चली आ रही औपचारिक VIP विदाई को छोड़ने के फैसले ने भी इसे खास बना दिया है।



