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रूस में यूक्रेन के 1000 से ज्यादा ड्रोन हमले, NATO पर खतरा?

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन हमलों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी समाचार एजेंसी AP के मुताबिक यूक्रेन ने रूस में 1,000 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए, जिसे रूस पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने 1,110 ड्रोन मार गिराने का दावा किया।

इन हमलों के बाद यूरोप में इस बात को लेकर चिंता बढ़ी है कि कहीं युद्ध NATO की सीमाओं तक न फैल जाए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में फिलहाल रूस की ओर से किसी NATO सदस्य पर जानबूझकर किए गए सीधे हमले की पुष्टि नहीं हुई है। NATO पहले से ही अपनी पूर्वी सीमा पर निगरानी और सुरक्षा मजबूत कर रहा है।

रूस पर हुआ बड़ा ड्रोन हमला

रिपोर्टों के अनुसार यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए 1,000 से अधिक ड्रोन भेजे। मॉस्को भी इस हमले से प्रभावित हुआ और राजधानी के आसपास बड़ी संख्या में ड्रोन को रोके जाने की जानकारी सामने आई। AP के मुताबिक मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और एक आवासीय इमारत को नुकसान पहुंचा तथा दो लोगों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की सूचना दी गई।

यूक्रेन ने अपने ड्रोन अभियान में रूस के तेल, ईंधन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य रूसी सैन्य क्षमता और युद्ध से जुड़ी आर्थिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना बताया गया है।

क्या पुतिन NATO देशों पर पलटवार करेंगे?

यह सबसे बड़ा सवाल है, लेकिन अभी ऐसा कोई पुष्ट संकेत नहीं है कि रूस ने NATO सदस्य देश पर सीधे हमले का फैसला किया है। इसके उलट, हालिया घटनाओं में NATO देशों की चिंता मुख्य रूप से हवाई क्षेत्र में ड्रोन के प्रवेश और संभावित गलत आकलन को लेकर है।

NATO के अनुसार रूस की गतिविधियों के बीच पूर्वी यूरोप में हवाई क्षेत्र उल्लंघन, साइबर हमलों और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं। इसी के जवाब में NATO ने अपनी पूर्वी सीमा पर निगरानी और रक्षा क्षमता मजबूत की है।

NATO की सीमा के पास बढ़ी चिंता

सितंबर में लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन को NATO के बाल्टिक एयर डिफेंस मिशन के तहत उड़ान भर रहे इटली के लड़ाकू विमान ने मार गिराया था। लिथुआनिया के राष्ट्रपति ने बाद में कहा था कि ड्रोन रूस में इस्तेमाल होने वाले प्रकार का था और संभवतः यूक्रेन को निशाना बनाकर भेजा गया था, लेकिन रास्ता भटक गया।

इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है—अगर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कोई ड्रोन या मिसाइल NATO देश में गिरती है, तो स्थिति कितनी तेजी से बिगड़ सकती है।

पोलैंड ने भी जताई चिंता

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने हाल ही में संसद में कहा कि खुफिया आकलनों के आधार पर रूस समर्थित या रूसी गतिविधियों से जुड़े संभावित हाइब्रिड हमलों का खतरा मौजूद है। उन्होंने कहा कि ड्रोन या मिसाइल NATO के पूर्वी हिस्से के किसी देश में पहुंच सकते हैं और नुकसान हो सकता है।

हालांकि, यह पोलैंड के प्रधानमंत्री का आकलन है, न कि इस बात की पुष्टि कि रूस ने NATO पर हमला करने का निर्णय ले लिया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन क्यों बने अहम हथियार?

ड्रोन युद्ध की रणनीति में तेजी से महत्वपूर्ण हो गए हैं। Reuters की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने सितंबर में यूक्रेन के खिलाफ बड़ी संख्या में जेट-इंजन वाले Shahed ड्रोन का इस्तेमाल किया है। ये ड्रोन ज्यादा ऊंचाई पर और तेज गति से उड़ सकते हैं, जिससे यूक्रेन की वायु रक्षा पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

दूसरी ओर यूक्रेन भी रूस के तेल, ईंधन और सैन्य उत्पादन से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन हमले बढ़ा रहा है। इस तरह दोनों पक्षों के हमलों का दायरा और तकनीकी क्षमता लगातार बदल रही है।

क्या यूरोप में सचमुच बढ़ रही है युद्ध की चिंता?

यूरोपीय देशों में सुरक्षा तैयारियां जरूर बढ़ी हैं। Reuters के मुताबिक लिथुआनिया रूस की सीमा के पास एक महत्वपूर्ण बिजली ग्रिड सबस्टेशन को ड्रोन हमलों से बचाने के लिए विशेष सुरक्षा उपायों की योजना बना रहा है।

NATO भी अपनी पूर्वी सीमा पर अतिरिक्त लड़ाकू विमान, एयर डिफेंस, निगरानी विमान और अन्य सैन्य क्षमताएं तैनात कर चुका है। संगठन के मुताबिक इसका उद्देश्य सहयोगी देशों की सुरक्षा और निवारक क्षमता मजबूत करना है।

फिलहाल सबसे बड़ा खतरा क्या है?

मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ा जोखिम गलत आकलन या अनजाने में संघर्ष के फैलने का है। यदि कोई ड्रोन या मिसाइल NATO क्षेत्र में पहुंचती है, तो उसकी उत्पत्ति, लक्ष्य और परिस्थितियों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी।

इसलिए 1,000 से ज्यादा ड्रोन के हमले के बाद यूरोप में चिंता बढ़ना वास्तविक है, लेकिन इसे सीधे तौर पर रूस द्वारा NATO पर हमले के फैसले के बराबर नहीं माना जा सकता। अभी तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में दोनों के बीच सीधी सैन्य टक्कर शुरू होने की पुष्टि नहीं है।

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