E20 के बाद 100% इथेनॉल इंजन पर गडकरी का फोकस
भारत में E20 पेट्रोल के बाद अब फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अलग-अलग अनुपात वाले इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकते हैं और E100 तक इस्तेमाल के लिए डिजाइन किए जा सकते हैं। जून 2026 में भारत में पहला फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर वाहन लॉन्च किया गया था, जो E20 से E100 तक के मिश्रण पर चलने में सक्षम है।
गडकरी ने वैकल्पिक ईंधन के विस्तार को पेट्रोलियम आयात कम करने और किसानों की आय के अवसर बढ़ाने से भी जोड़ा है। उन्होंने इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन वाहनों के साथ इथेनॉल को भी भारत के वैकल्पिक ईंधन विकल्पों में प्रमुखता से आगे बढ़ाने की बात कही है।
हालांकि, E100 फ्लेक्स-फ्यूल इंजन और देशभर में पेट्रोल में 100% इथेनॉल मिलाने की नीति को एक ही बात नहीं समझना चाहिए। पेट्रोलियम मंत्रालय ने जुलाई 2026 में कहा था कि पेट्रोल में 20% से अधिक इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। E85 जैसे उच्च-इथेनॉल ईंधन का इस्तेमाल उन फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में किया जा सकता है जिन्हें इसके लिए डिजाइन और प्रमाणित किया गया है।
आने वाले समय में 100% इथेनॉल पर चलने वाले वाहनों की उपलब्धता, ईंधन की कीमत, माइलेज, इंजन प्रदर्शन और देशभर में E100 की उपलब्धता जैसे पहलू इस तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल में महत्वपूर्ण रहेंगे।



