अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में MBBS दाखिले पर FIR, अनाथ प्रमाणपत्र फर्जी मिलने का आरोप

उत्तराखंड के अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में MBBS दाखिले से संबंधित कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अनाथ प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला लेने के मामले में FIR दर्ज किए जाने की खबर है। आरोप है कि दाखिले के लिए इस्तेमाल किया गया प्रमाणपत्र जांच में जाली पाया गया।
मामले की जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों की सत्यता और उनके आधार पर लिए गए दाखिले की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि प्रमाणपत्र किसने तैयार किया, इसे किस आधार पर जारी कराया गया और दाखिले की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
फर्जी प्रमाणपत्र से विशेष श्रेणी का लाभ लेने का आरोप
मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी शैक्षणिक योग्यता और श्रेणी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। विशेष श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभ के लिए संबंधित प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी जरूरी होता है।
अनाथ प्रमाणपत्र की सत्यता पर सवाल उठने के बाद यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है। जांच एजेंसियों को यह पता लगाना होगा कि प्रमाणपत्र वास्तविक था या उसमें कूटरचना की गई थी। साथ ही, दाखिले के समय दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हुई, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है।
उत्तराखंड में MBBS दाखिला फर्जीवाड़े की जांच तेज
उत्तराखंड में MBBS दाखिले के लिए कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़े अन्य मामले भी सामने आए हैं। सितंबर 2026 में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी के प्रमाणपत्रों में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था। जांच में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
हालांकि, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र से जुड़े मामले और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कथित फर्जी अनाथ प्रमाणपत्र का मामला अलग-अलग हो सकते हैं। दोनों को एक ही प्रकरण मानने से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
दस्तावेजों के सत्यापन पर फिर उठे सवाल
मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में प्रमाणपत्रों का सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी अभ्यर्थी ने गलत या जाली दस्तावेज के आधार पर दाखिला प्राप्त किया है, तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से जुड़े इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फर्जी प्रमाणपत्र कैसे इस्तेमाल किया गया और दाखिले पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल मामले में दर्ज FIR और जांच की स्थिति से जुड़ी आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।



