मोबाइल नंबर और आधार से लिंक होंगे गाड़ी व ड्राइविंग लाइसेंस | ऑनलाइन अपडेट का तरीका

भारत सरकार लगातार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और नागरिकों की सुविधाओं को आसान बनाने के लिए नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में अब गाड़ी (Vehicle Registration) और ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जी दस्तावेजों पर अंकुश लगाना और सड़क परिवहन विभाग (RTO) से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। आधार से लिंक होने के बाद नागरिकों को कई सेवाएं ऑनलाइन मिल सकेंगी, जैसे लाइसेंस नवीनीकरण, गाड़ी का पंजीकरण, डुप्लीकेट RC बनवाना या पता अपडेट करना आदि।
ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन को आधार से जोड़ने के लिए नागरिकों को परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in पर जाना होगा। वहां “Aadhaar Authentication” या “Link Aadhaar” विकल्प पर क्लिक करके संबंधित सेवा का चयन करना होगा। इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस नंबर या गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। अगले चरण में आधार नंबर (Aadhaar Number) डालकर OTP वेरिफिकेशन करना होगा। यह OTP आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपका आधार गाड़ी या लाइसेंस से लिंक हो जाएगा।
मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा भी अब ऑनलाइन उपलब्ध है। जिनका मोबाइल नंबर पुराने रिकॉर्ड में अपडेट नहीं है या गलत है, वे “Update Mobile Number” विकल्प चुनकर नया मोबाइल नंबर जोड़ सकते हैं। इसके लिए भी आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन किया जाता है। इससे आपके दस्तावेज सुरक्षित और अद्यतन रहेंगे।
सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल नागरिकों को सुविधा होगी बल्कि फर्जी लाइसेंस और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसे मामलों पर भी रोक लगेगी। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले ई-चालान भी सीधे पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पहुंचेंगे।
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत यह कदम बेहद अहम है क्योंकि इसके माध्यम से लोगों को RTO के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग अपने घर बैठे ही कुछ क्लिक में आधार और मोबाइल नंबर को ड्राइविंग लाइसेंस व गाड़ी से जोड़ पाएंगे। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।
कुल मिलाकर कहा जाए तो गाड़ी और ड्राइविंग लाइसेंस को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक करना एक आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। यह पहल आने वाले समय में भारत की सड़क परिवहन प्रणाली को और अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाएगी।



