Nifty के लिए 25500 का लेवल अहम, 26100 पार करना मुश्किल; जानिए अगले हफ्ते की निवेश रणनीति

भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते उतार-चढ़ाव भरे सत्रों के बाद हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 25,500 का लेवल अब एक मजबूत सपोर्ट जोन बन चुका है, जबकि 26,100 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले हफ्ते में निवेशकों को सतर्क रहकर ट्रेडिंग करनी चाहिए क्योंकि बाजार में वोलैटिलिटी बनी रहने की संभावना है।
टेक्निकल चार्ट्स के मुताबिक निफ्टी 25,500 से नीचे नहीं जाता तो यह तेजी की ओर मुड़ सकता है, जबकि 26,100 के ऊपर क्लोजिंग मिलने पर नया अपट्रेंड देखने को मिल सकता है। अगर निफ्टी इस रेंज में घूमता है, तो ट्रेडर्स के लिए यह एक रेंज-बाउंड मार्केट रहेगा। इस स्थिति में शॉर्ट-टर्म निवेशकों को 25,600–25,800 के आसपास खरीदारी और 26,000–26,100 के पास मुनाफावसूली की रणनीति अपनानी चाहिए।
सेंसेक्स और बैंक निफ्टी दोनों ही इंडेक्स में भी इसी तरह का मूवमेंट देखने को मिल रहा है। बैंकिंग सेक्टर में निजी बैंकों के शेयरों में हल्की मजबूती दिखाई दी है, जबकि आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में दबाव बना हुआ है। ग्लोबल मार्केट्स से मिले मिश्रित संकेतों के कारण विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निफ्टी के 25,500–26,100 के बीच समेकन (consolidation) का दौर रहेगा। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय पोर्टफोलियो में क्वालिटी स्टॉक्स जोड़ने का हो सकता है, खासकर बैंकिंग, इंफ्रा और ऑटो सेक्टर में। वहीं, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को स्टॉपलॉस के साथ ट्रेड करना चाहिए ताकि वोलैटिलिटी में नुकसान से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, अगले हफ्ते बाजार में स्थिरता तभी देखने को मिलेगी जब निफ्टी 26,100 के ऊपर स्थायी क्लोजिंग दे। तब तक, निवेशकों को “खरीदो गिरावट पर और बेचो तेजी पर” की रणनीति अपनानी चाहिए।



