चांदी खरीदकर रख लो या ETF में करें निवेश, बेचने पर देना होगा इतना टैक्स – जानें पूरी डिटेल

अगर आप चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय काफी उपयुक्त माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी अच्छा खासा उछाल देखने को मिला है। निवेशक अब इसे एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। लेकिन अगर आप चांदी खरीदकर रखते हैं या फिर Silver ETF (Exchange Traded Fund) में निवेश करते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि बेचने पर आपको सरकार को टैक्स देना होगा।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को फिजिकल फॉर्म में खरीदने पर इसे कैपिटल एसेट माना जाता है। अगर आप इसे तीन साल से पहले बेच देते हैं, तो होने वाला मुनाफा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) की श्रेणी में आता है, और इस पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। वहीं, अगर आप इसे तीन साल से अधिक समय तक रखते हैं, तो यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) बन जाता है, जिस पर 20% टैक्स दर और इंडेक्सेशन बेनिफिट लागू होता है।
वहीं, अगर आप चांदी को ETF या डिजिटल फॉर्म में खरीदते हैं, तो टैक्स नियम लगभग समान रहते हैं। ETF को बेचने पर भी तीन साल से पहले बेचने पर शॉर्ट टर्म और उसके बाद लॉन्ग टर्म टैक्स नियम लागू होते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप गिफ्ट या विरासत में मिली चांदी बेचते हैं, तो टैक्स की गणना उस व्यक्ति के खरीद मूल्य और समय के आधार पर की जाएगी जिसने इसे मूल रूप से खरीदा था।
सरकार चांदी के लेनदेन पर GST और TDS नियमों को भी लागू करती है, खासकर जब लेनदेन की राशि बड़ी होती है। इसलिए निवेश करने से पहले एक फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें। सही समय पर निवेश और टैक्स प्लानिंग से आप न केवल अपने मुनाफे को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि टैक्स बोझ को भी कम कर सकते हैं।



