LPG संकट से बढ़ा दबाव, 12 लाख करोड़ Capex पर असर? खर्च कटौती की आशंका

देश में बढ़ते LPG संकट और उसकी लागत से सरकारी वित्त पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या सरकार के करीब 12 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) कार्यक्रम पर इसका असर पड़ेगा और क्या विकास परियोजनाओं में खर्चों की कटौती करनी पड़ सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा सब्सिडी और आयात लागत बढ़ती रही, तो भारत सरकार को अपने राजकोषीय संतुलन को बनाए रखने के लिए कुछ क्षेत्रों में खर्चों को सीमित करना पड़ सकता है। हालांकि, सरकार ने अब तक बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं पर निवेश जारी रखने की नीति अपनाई है।
वित्तीय हलकों में यह भी चर्चा है कि Capex अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का प्रमुख इंजन है, इसलिए इसमें बड़ी कटौती करना आसान नहीं होगा। आने वाले महीनों में सरकार ऊर्जा सब्सिडी और विकास खर्च के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर सकती है, ताकि आर्थिक स्थिरता और विकास दोनों को बनाए रखा जा सके।



