Saudi-UAE में EIL को मिल सकता है ₹8,000 करोड़ का प्रोजेक्ट
सऊदी अरब और UAE होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता घटाने के लिए पाइपलाइन, तेल टर्मिनल और रणनीतिक भंडारण जैसी सुविधाओं के विकास पर विचार कर रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को वैकल्पिक मार्गों से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की क्षमता बढ़ाना है।
भारतीय सरकारी कंपनी Engineers India Limited (EIL) इन संभावित परियोजनाओं को लेकर दोनों देशों के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत कर रही है। EIL के CMD अतुल गुप्ता के अनुसार, कंपनी परियोजना परामर्श और व्यवहार्यता अध्ययन से जुड़े काम हासिल करने में रुचि रखती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में पाइपलाइन, स्टोरेज सुविधाओं, तेल टर्मिनल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1 अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित हो सकता है। EIL को अगले दो से तीन वर्षों में इस क्षेत्र से लगभग 1 अरब डॉलर की ऑर्डर पाइपलाइन की उम्मीद है।
EIL की मौजूदा ऑर्डर बुक करीब ₹17,000 करोड़ बताई गई है, जिसमें लगभग 43 प्रतिशत हिस्सेदारी विदेशी परियोजनाओं की है। कंपनी ने सऊदी अरब में अपना कार्यालय भी शुरू किया है और पश्चिम एशिया में अपनी इंजीनियरिंग एवं कंसल्टेंसी गतिविधियों का विस्तार कर रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। IEA के अनुसार, 2025 में इस जलडमरूमध्य से औसतन करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन हुआ था।



