
सैलरी स्लिप नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि लोन लेना असंभव है। बैंक और वित्तीय संस्थान आवेदक की आय और भुगतान क्षमता का आकलन करने के लिए दूसरे दस्तावेज भी स्वीकार कर सकते हैं।
बिना सैलरी स्लिप ₹50,000 के लोन के लिए बैंक स्टेटमेंट, इनकम टैक्स रिटर्न, KYC दस्तावेज, पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ जैसे कागजात मांगे जा सकते हैं। हालांकि, अंतिम पात्रता संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की शर्तों पर निर्भर करती है।
एक विकल्प को-एप्लीकेंट के साथ लोन लेना है। इसके अलावा गोल्ड, प्रॉपर्टी, वाहन या FD जैसी संपत्ति के बदले सिक्योर्ड लोन लिया जा सकता है। ऐसे लोन में संपत्ति को कोलैटरल के तौर पर रखा जाता है।
क्रेडिट स्कोर भी लोन आवेदन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट में 750 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर को लोन मिलने में मददगार बताया गया है, हालांकि लोन की मंजूरी केवल स्कोर पर निर्भर नहीं होती।
रिपोर्ट में अलग-अलग विकल्पों के लिए अनुमानित ब्याज दरें भी दी गई हैं। इनमें प्री-अप्रूव्ड लोन, डिजिटल लोन/NBFC, गोल्ड लोन और FD या म्यूचुअल फंड पर लोन शामिल हैं। वास्तविक ब्याज दर, फीस और शर्तें बैंक या ऋणदाता के अनुसार अलग हो सकती हैं।



