जॉन अब्राहम ने विवेक अग्निहोत्री के बयान पर किया पलटवार, बोले- ऐसी प्रोपेगेंडा फिल्में डरावनी

बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने हाल ही में विवेक अग्निहोत्री के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने फिल्मों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। विवेक अग्निहोत्री ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि फिल्मों में दिखाए जाने वाले प्रोटीन शेक, जिम कल्चर और बॉडी बिल्डिंग को लेकर एक तरह का “प्रोपेगेंडा” रचा जाता है, जिससे युवाओं पर गलत असर पड़ता है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जॉन अब्राहम ने कहा कि ऐसी बातें न सिर्फ भ्रामक हैं बल्कि इंडस्ट्री को बदनाम करने का एक प्रयास भी लगती हैं।
जॉन अब्राहम, जो खुद एक फिटनेस आइकन माने जाते हैं और युवाओं को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, ने कहा कि सिनेमा हमेशा से समाज को एक आईना दिखाता आया है। उनके मुताबिक, फिल्मों को “प्रोपेगेंडा” बताना या उन्हें डरावनी संज्ञा देना, मेहनत कर रहे कलाकारों और पूरी टीम के प्रयासों को छोटा करने जैसा है। जॉन ने यह भी स्पष्ट किया कि वे फिटनेस को ग्लैमर से ज़्यादा, स्वास्थ्य और अनुशासन का हिस्सा मानते हैं।
जॉन अब्राहम ने आगे कहा कि फिल्में समाज पर गहरा असर डालती हैं, लेकिन दर्शक इतना समझदार है कि सही और गलत के बीच फर्क कर सके। उन्होंने विवेक अग्निहोत्री के बयान को गैर-ज़रूरी विवाद बताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियों से युवाओं में गलत संदेश जाता है। जॉन के अनुसार, इंडस्ट्री का काम लोगों का मनोरंजन करना और सकारात्मक प्रेरणा देना है, न कि उन्हें डराना या गुमराह करना।
यह विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है, जहां कई यूजर्स ने जॉन अब्राहम का समर्थन किया और उन्हें “सच्चा फिटनेस रोल मॉडल” बताया। वहीं, कुछ लोग विवेक अग्निहोत्री के विचारों के पक्ष में भी खड़े नजर आए। कुल मिलाकर, यह बहस फिल्मी दुनिया और समाज में फिटनेस की भूमिका को लेकर एक नया दृष्टिकोण सामने ला रही है।



