“पानी की बोतल बेचकर गुजारा करने वाला ये एक्टर बना 400 करोड़ की फिल्म का निर्माता”

ऋषभ शेट्टी: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक यात्रा
कभी सड़कों पर पानी की बोतलें बेचने वाला लड़का आज साउथ फिल्म इंडस्ट्री का चमकता सितारा बन चुका है। हम बात कर रहे हैं कन्नड़ अभिनेता, निर्देशक और लेखक ऋषभ शेट्टी की, जिनकी फिल्म ‘कांतारा’ ने न केवल सिनेमा जगत में तहलका मचाया, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से यह साबित कर दिया कि सपने सच हो सकते हैं।
शुरुआत: संघर्षपूर्ण दिन
ऋषभ शेट्टी का जन्म 7 जुलाई 1983 को कर्नाटक के उडुपी जिले के कुंदापुरा में हुआ था। उनका असली नाम प्रशांत शेट्टी था। मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले ऋषभ ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले कई छोटे-मोटे काम किए। उन्होंने रियल एस्टेट में काम किया, पानी की बोतलें बेचीं और ड्राइवर का काम भी किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह अंधेरी पश्चिम के एक प्रोडक्शन हाउस में ऑफिस बॉय और निर्माता के ड्राइवर के रूप में काम करते थे। इन संघर्षपूर्ण दिनों में उन्हें केवल 25 रुपये मिलते थे, लेकिन उन्होंने कभी भी खुद को कम नहीं समझा।
निष्कर्ष
ऋषभ शेट्टी की कहानी यह दर्शाती है कि कठिनाइयों के बावजूद यदि व्यक्ति में जुनून और मेहनत हो, तो वह किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है। उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा और ‘कांतारा’ की सफलता सिनेमा जगत में एक प्रेरणा बन चुकी है।
नोट: यह लेख ऋषभ शेट्टी की संघर्षपूर्ण यात्रा और ‘कांतारा’ फिल्म की सफलता पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त की गई है।



