
Uttar Pradesh में शहरी परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के विभिन्न शहरों में 1725 नई वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने की योजना है, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
नई ई-बसों का उद्देश्य पुरानी डीजल और CNG बसों पर निर्भरता कम करना तथा प्रदूषण घटाना है। राज्य सरकार पहले से ही इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है और कई जिलों में बस डिपो पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
योजना के तहत शहरों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, स्वच्छ और टिकाऊ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ध्वनि प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है, जबकि AC सुविधा यात्रियों को गर्मी के मौसम में अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव देगी।
उत्तर प्रदेश में पहले से कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं और सरकार आने वाले वर्षों में इनके बेड़े का और विस्तार करने की योजना बना रही है। चार्जिंग नेटवर्क और नई बसों के जुड़ने से शहरी परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में AC ई-बसों की तैनाती से यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।



