
हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी (Tbilisi) में 56 भारतीय नागरिकों के साथ गंभीर बदसलूकी किए जाने की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन भारतीय यात्रियों को न केवल इमीग्रेशन पर रोका गया बल्कि उन्हें ठंड में मवेशियों की तरह फुटपाथ पर बैठा दिया गया। इतना ही नहीं, कई घंटों तक उन्हें न खाना दिया गया और न ही उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। यह घटना विदेश में भारतीय नागरिकों के साथ होने वाले भेदभाव और दुर्व्यवहार की एक और कड़ी बनकर सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भारतीय यात्री जॉर्जिया घूमने और व्यापारिक उद्देश्यों से पहुंचे थे। लेकिन एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोक लिया। जब यात्रियों ने खाने और रहने की व्यवस्था के लिए अनुरोध किया, तो उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। यात्रियों को कई घंटों तक ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठने पर मजबूर किया गया। इससे कई लोग बीमार भी पड़ गए और बच्चों तथा बुजुर्गों की हालत खराब हो गई।
भारत सरकार ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने जॉर्जिया सरकार से इस पूरे मामले में तुरंत रिपोर्ट मांगी है। भारतीय दूतावास के अधिकारी भी लगातार संपर्क में हैं ताकि वहां फंसे यात्रियों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, जॉर्जिया में हाल के दिनों में पर्यटकों और विदेशी यात्रियों के लिए वीजा व इमीग्रेशन नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। हालांकि, जिस प्रकार भारतीय यात्रियों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य और निंदनीय है। यात्रियों का कहना है कि अन्य देशों से आए लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा, जिससे यह साफ होता है कि भारतीयों को जानबूझकर निशाना बनाया गया।
सोशल मीडिया पर यह खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों यूजर्स ने जॉर्जिया सरकार की आलोचना करते हुए भारतीय नागरिकों के साथ हुए व्यवहार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने तो यहां तक कहा कि यदि जॉर्जिया भारतीयों को सम्मान नहीं दे सकता तो भारतीयों को भी वहां घूमने और निवेश करने से बचना चाहिए।
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी विदेशों में भारतीय नागरिकों को किस तरह की चुनौतियों और अपमान का सामना करना पड़ता है। भारत सरकार को न केवल इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाने होंगे।
अंततः यह सवाल उठता है कि जब भारतीय पूरी दुनिया में अपनी मेहनत, ईमानदारी और संस्कृतियों के लिए पहचाने जाते हैं तो फिर विदेशों में उन्हें ऐसी स्थितियों का सामना क्यों करना पड़ता है? इस घटना ने न केवल भारत-जॉर्जिया संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज भी एक बड़ी चुनौती है।



