
स्कूल शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षा मंत्री ने CBSE और NCERT को निर्देश दिए हैं कि गणित के साथ-साथ छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग भी पढ़ाई जाए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना और उनकी तार्किक व विश्लेषणात्मक क्षमता को मजबूत बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत पाठ्यक्रम में ऐसे विषय शामिल किए जाएंगे, जो छात्रों को समस्या समाधान, कोडिंग की बुनियादी समझ और डिजिटल साक्षरता विकसित करने में मदद करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों की सोचने की क्षमता में सुधार होगा और वे तकनीकी दुनिया की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को केवल तकनीकी कौशल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों के साथ जोड़कर बच्चों की समस्या सुलझाने की क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इससे बच्चे स्कूल में ही तार्किक सोच और विश्लेषणात्मक क्षमताओं में दक्ष हो सकेंगे।
इसके अलावा, CBSE और NCERT को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं, ताकि वे नए पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें। डिजिटल उपकरणों और शिक्षण तकनीकों का इस्तेमाल करके कक्षा में इन विषयों को रोचक और इंटरैक्टिव बनाया जाएगा, जिससे छात्रों की सीखने की रुचि और बढ़ेगी।



