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बांके बिहारी मंदिर दर्शन समय बढ़ा: मथुरा कमेटी का बड़ा फैसला, सेवायतों ने जताया विरोध

मथुरा के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दर्शन समय को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मंदिर प्रबंधन कमेटी ने भक्तों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए दर्शन के समय में 2 घंटे 30 मिनट की वृद्धि की है। इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना भीड़भाड़ और अव्यवस्था के आराम से ठाकुर जी के दर्शन कर सकें। वर्तमान में बांके बिहारी मंदिर में साल भर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे विशेष अवसरों और त्योहारों पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है। कमेटी का मानना है कि दर्शन अवधि बढ़ने से भक्तों की सुविधा में सुधार होगा और सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव कम पड़ेगा।
हालांकि इस निर्णय का मंदिर के सेवायतों ने विरोध किया है। सेवायतों का कहना है कि पारंपरिक समय-सारणी से छेड़छाड़ मंदिर की मर्यादा और परंपरा के विपरीत है। उन्होंने इस फैसले के विरोध में मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं से राय लेकर एक सर्वे भी कराया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने परंपरागत समय को बनाए रखने का समर्थन किया। सेवायतों का दावा है कि भगवान के शृंगार, भोग और आरती के निर्धारित समय में बदलाव से धार्मिक अनुशासन प्रभावित होगा।
कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह फैसला परीक्षण अवधि के रूप में लिया गया है और कुछ समय बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि भक्तों की संतुष्टि और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर रहती है तो इसे स्थायी किया जा सकता है। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ करने, भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था में सुधार लाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।
बांके बिहारी मंदिर से जुड़ा यह विवाद स्थानीय धार्मिक समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर सुविधा बढ़ाने की कोशिश है तो दूसरी ओर परंपरा की मर्यादा को बनाए रखने की चिंता है। आने वाले दिनों में मंदिर समिति और सेवायतों के बीच वार्ता के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। श्रद्धालु फिलहाल इस बदलाव को एक सकारात्मक कदम और भगवान के दर्शन का बेहतर अवसर मान रहे हैं।

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