चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप के निर्माण-जीर्णोद्धार के निर्देश: सीएम योगी की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि प्रदेश भर में चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप के निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट को दूर करने और भूजल स्तर में सुधार के लिए यह जरूरी है कि पारंपरिक जलस्रोतों का पुनर्जीवन किया जाए।
सीएम योगी ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य में वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में प्रभावी जल प्रबंधन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि चेक डैम और तालाब न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के साधन बनेंगे, बल्कि जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय जनता की भागीदारी के बिना जल संरक्षण अभियान सफल नहीं हो सकता, इसलिए ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संस्थाओं को इस कार्य में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून के बाद खाली पड़े तालाबों और जोहड़ों की खुदाई, मरम्मत और गहरीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए ताकि अगली बारिश में जल भंडारण की अधिक क्षमता विकसित हो सके। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि सभी परियोजनाओं की निगरानी पारदर्शी तरीके से की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जल संरक्षण के साथ-साथ वृक्षारोपण अभियान को भी गति दी जाए, ताकि भूजल रिचार्ज में सुधार हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में जल स्रोतों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए और उसकी जियो-टैगिंग कराई जाए।
योगी सरकार का यह कदम प्रदेश में सतत विकास और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इससे न केवल किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा, बल्कि गांवों में जल संकट की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।



