सीडीएस बोले- चीन सीमा विवाद सबसे बड़ी चुनौती, पाकिस्तान दूसरी चुनौती; दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश

भारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन के साथ सीमा विवाद है, वहीं दूसरी बड़ी चुनौती पाकिस्तान से आती है। खास बात यह है कि दोनों पड़ोसी देश परमाणु हथियार संपन्न हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। चीन के साथ लंबी सीमा रेखा और समय-समय पर होने वाले तनाव भारत की सुरक्षा नीति के लिए एक अहम पहलू है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक कई बार चीन की गतिविधियां भारत की चिंता बढ़ाती रही हैं।
सीडीएस ने कहा कि भारत की सेना किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इस चुनौती का सामना करने के लिए न केवल सैन्य क्षमता बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर भी मजबूती की जरूरत है। चीन की सैन्य ताकत और उसके लगातार आधुनिक हो रहे हथियार तंत्र भारत के लिए चुनौती बने हुए हैं। वहीं, पाकिस्तान आतंकवाद और सीमा पार की गतिविधियों के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश करता रहा है।
दोनों देशों का परमाणु शक्ति संपन्न होना इस पूरे परिदृश्य को और संवेदनशील बनाता है। ऐसे में भारत के लिए यह बेहद जरूरी है कि वह अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाए रखे और रणनीतिक साझेदारियों को और गहरा करे। सीडीएस ने यह भी इशारा किया कि भविष्य की जंग केवल जमीन पर नहीं होगी, बल्कि साइबर और अंतरिक्ष के मोर्चे पर भी लड़ी जाएगी।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। स्वदेशी हथियार, मिसाइल और आधुनिक तकनीक के जरिए भारतीय सेना अपनी क्षमता में निरंतर वृद्धि कर रही है। सीडीएस के इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में भारत की सुरक्षा नीति चीन और पाकिस्तान दोनों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।



