
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात और सुरक्षा जोखिमों के बावजूद भारतीय जहाजों की आवाजाही लगातार जारी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपने समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई है, जिसमें रियल-टाइम निगरानी, नौसेना की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ समन्वय शामिल है। इस “गुप्त” रणनीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय व्यापारी जहाज बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
इन जोखिमों के बावजूद भारत का व्यापारिक समुद्री नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है, क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय पोतों की सुरक्षा के लिए लगातार एडवाइजरी जारी की जाती है और आवश्यकतानुसार मार्ग परिवर्तन भी किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षित संचालन किसी भी देश की समुद्री क्षमता और रणनीतिक तैयारी की परीक्षा होती है, और भारत इस दिशा में अपनी तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है।



