
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर से अमेरिका में सिटिजनशिप पाने के नियमों को और कड़ा करने की तैयारी कर ली है। पहले से ही अमेरिकी नागरिकता (US Citizenship) हासिल करना लंबी और कठिन प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन नए प्रस्तावों के तहत सिटिजनशिप टेस्ट को और मुश्किल बनाया जाएगा। इसका सीधा असर उन लाखों प्रवासियों (Immigrants) पर पड़ेगा जो लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं और वहां स्थायी नागरिकता (Permanent Citizenship) पाना चाहते हैं।
अमेरिका में नागरिकता हासिल करने के लिए हर प्रवासी को अंग्रेजी भाषा और अमेरिकी इतिहास से जुड़े प्रश्नों की परीक्षा पास करनी होती है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वर्तमान टेस्ट काफी आसान है और इसे सख्त करने से केवल वही लोग अमेरिकी नागरिक बन पाएंगे जो सच में इसके योग्य हैं। इस निर्णय के बाद नागरिकता पाने की प्रक्रिया न केवल लंबी बल्कि और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
नया बदलाव अमेरिकी राजनीति और समाज दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम प्रवासियों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की कड़ी नीतियों की एक और कड़ी है। पहले भी ट्रंप सरकार ने H-1B वीज़ा, ग्रीन कार्ड, और इमिग्रेशन वीज़ा के नियमों को कठिन बनाकर कई लोगों के लिए अमेरिका में रहना और काम करना मुश्किल कर दिया था।
इस नए प्रस्ताव में टेस्ट के प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है और उन्हें ज्यादा जटिल बनाया जाएगा। इसमें अमेरिकी संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, ऐतिहासिक घटनाओं और समसामयिक मुद्दों से जुड़े प्रश्न शामिल हो सकते हैं। साथ ही भाषा परीक्षण (Language Test) को भी और कठिन बनाने की योजना है। इसका असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा जिनकी मातृभाषा अंग्रेजी नहीं है।
नागरिकता पाने की प्रक्रिया कठिन होने से सबसे ज्यादा असर एशियाई और अफ्रीकी मूल के प्रवासियों पर पड़ सकता है। भारतीय, पाकिस्तानी, चीनी और लैटिन अमेरिकी देशों के लोग बड़ी संख्या में अमेरिका जाकर नागरिकता हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में नए नियम उनके लिए बड़ी बाधा साबित हो सकते हैं।
मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने इस निर्णय की आलोचना की है। उनका कहना है कि अमेरिकी नागरिकता का रास्ता पहले ही काफी लंबा और जटिल है। इसे और कठिन बनाने से योग्य और मेहनती प्रवासियों के सपनों पर पानी फिर सकता है। वहीं ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए जरूरी है।



