सीएम योगी ने गुरु महंत अवेद्यनाथ को दी श्रद्धांजलि | धर्म और राष्ट्र सेवा के प्रतीक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महंत जी का पूरा जीवन देश, धर्म और समाज की सेवा को समर्पित रहा। गोरखनाथ मठ की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले महंत अवेद्यनाथ न केवल एक आध्यात्मिक गुरु थे, बल्कि राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के भी प्रबल समर्थक रहे। सीएम योगी ने भावुक होकर कहा कि महंत जी का मार्गदर्शन उनके जीवन की सबसे बड़ी धरोहर है और उनकी शिक्षाएं समाज को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।
महंत अवेद्यनाथ का जन्म 19वीं सदी के उत्तरार्ध में हुआ था और उन्होंने बचपन से ही धार्मिक तथा आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया। वे नाथ संप्रदाय की परंपरा में दीक्षित हुए और अपने जीवन को समाज सेवा तथा धार्मिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। राजनीति में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और सांसद रहते हुए गोरखपुर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे हिंदुत्व की विचारधारा और राष्ट्रीय एकता के सशक्त प्रवक्ता थे।
योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और महंत अवेद्यनाथ इसी परंपरा के सच्चे प्रतिनिधि थे। उन्होंने हमेशा समाज को धार्मिक सद्भाव, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। महंत जी ने गरीबों, वंचितों और पीड़ितों के लिए कई कल्याणकारी कार्य किए, जिससे गोरखनाथ मठ सेवा और धर्म का संगम बन गया।
गोरखनाथ मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता का भी प्रतीक है। महंत अवेद्यनाथ के नेतृत्व में मंदिर ने शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए। आज भी उनके आदर्शों पर चलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश और देश की सेवा में जुटे हुए हैं।
महंत अवेद्यनाथ ने हमेशा कहा था कि धर्म का वास्तविक अर्थ समाज की सेवा है। यही कारण है कि उनका जीवन अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का आदर्श उदाहरण बन गया। वे साधारण जीवन जीकर असाधारण कार्यों से समाज को दिशा देते रहे। उनके विचार और कार्य आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत जी की स्मृतियां सदैव जीवित रहेंगी और उनकी शिक्षाएं हर उस व्यक्ति को राह दिखाएंगी जो धर्म, समाज और राष्ट्र की सेवा करना चाहता है। महंत अवेद्यनाथ का जीवन संदेश यही है कि सच्चा संत वही है जो अपने कर्मों से समाज को बेहतर बनाने की प्रेरणा दे।



