सीएम योगी ने की सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2024 पर प्रस्तुति बैठक

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2024 पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पंजीकृत समाजों (Societies) के संचालन और पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल स्वरूप में ढालना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाज पंजीकरण की सभी प्रक्रियाओं को भ्रष्टाचारमुक्त और सुगम बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और संगठनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सीएम योगी ने कहा कि सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2024 उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कानून साबित होगा। इस एक्ट के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न समाज, संस्थान और संगठन अब एक統ीकृत प्रणाली में पंजीकृत होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है, जिसके तहत सोसाइटी के रजिस्ट्रेशन और उनके नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस एक्ट से समाजों के कामकाज में जवाबदेही और जिम्मेदारी का भाव आएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सोसाइटी के वित्तीय लेन-देन और गतिविधियों की निगरानी के लिए एक सशक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए। साथ ही, पंजीकृत सोसाइटी से जुड़ी जानकारी आम जनता के लिए भी सुलभ कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा रोका जा सके।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस एक्ट को लागू करने से पहले जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे समाज और संस्थान अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह कानून केवल नियम लागू करने का साधन नहीं है, बल्कि समाज को और अधिक सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे समाज कल्याण के कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न संस्थान सरकार की नीतियों के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाएंगे।
इस अवसर पर अधिकारियों ने प्रस्तुति के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2024 के तहत कैसे सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल किया जाएगा और किस प्रकार इसका लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने सुझावों की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह बैठक उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इस एक्ट के लागू होने से प्रदेश में समाजों का संचालन और अधिक व्यवस्थित, सरल और प्रभावी होगा।



