सीएम योगी ने प्रगति पोर्टल की सफलता बताई, जनता को मिला त्वरित न्याय

उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रगति पोर्टल के संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म प्रदेश की शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं रह जाती। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों को अपनी बात रखने के लिए कई दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब डिजिटल माध्यम से घर बैठे ही समस्या दर्ज कराई जा सकती है और उसकी स्थिति भी ट्रैक की जा सकती है। योगी आदित्यनाथ जी ने बताया कि पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग स्वयं उच्च स्तर पर की जाती है और अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में लापरवाही या जानबूझकर देरी पाई जाती है, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाती है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में यह स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान है, न कि सिर्फ फाइलों में उन्हें दबाकर रखना। प्रगति पोर्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां हर शिकायत एक डिजिटल रिकॉर्ड बन जाती है और उसका जवाबदेह अधिकारी तय होता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पोर्टल के जरिए न केवल आम जनता बल्कि जनप्रतिनिधि भी अपनी-अपनी विधानसभा और क्षेत्र की समस्याएं सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इससे विकास कार्यों में भी तेजी आई है और कई लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश को भ्रष्टाचार और लालफीताशाही से मुक्त करने की दिशा में प्रगति पोर्टल एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। आज उत्तर प्रदेश की छवि एक ऐसे राज्य के रूप में बन रही है, जहां शासन लोगों की सुनता है और उनकी समस्याओं का समाधान करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें और किसी भी समस्या या शिकायत को बिना झिझक दर्ज कराएं, ताकि सरकार उन्हें समय पर न्याय और राहत दे सके।



