सीएम योगी का इकोनॉमिक रोडमैप: टेक्नोलॉजी से बदलेगा यूपी का विकास मॉडल

योगी आदित्यनाथ ने सदन में प्रदेश का व्यापक ‘इकोनॉमिक रोडमैप’ प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में विकास की धुरी टेक्नोलॉजी, नवाचार और डिजिटल गवर्नेंस होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य केवल पारंपरिक उद्योगों से नहीं, बल्कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डाटा सेंटर, एग्री-टेक और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में तेज प्रगति से हासिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत किया है, जिससे उद्योगों को पारदर्शी और समयबद्ध स्वीकृतियां मिल सकें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर—जैसे एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और नए औद्योगिक क्लस्टर—आर्थिक विकास की रीढ़ बनेंगे, जबकि टेक्नोलॉजी इन सभी परियोजनाओं को दक्ष और पारदर्शी बनाएगी।
सीएम ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार में कमी और कार्यकुशलता में वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक, सॉयल हेल्थ कार्ड और स्मार्ट सिंचाई मॉडल को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, युवाओं के लिए स्टार्टअप नीति, इनक्यूबेशन सेंटर और आईटी पार्क के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सेमीकंडक्टर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और ई-व्हीकल सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है, जो राज्य को टेक हब के रूप में स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी केवल आर्थिक प्रगति का साधन नहीं, बल्कि सुशासन का आधार है। ई-टेंडरिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डिजिटल भुगतान प्रणाली ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाई है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सदन में प्रस्तुत इस रोडमैप को प्रदेश के समग्र विकास का खाका बताते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि टेक्नोलॉजी-आधारित यह मॉडल प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा और आने वाले वर्षों में आर्थिक समृद्धि की नई इबारत लिखेगा।



