सीएम योगी का बयान: पिछली सरकारों में नौकरी के नाम पर भ्रष्टाचार, वोटबैंक के हिसाब से नियुक्तियां

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले के दौर में सरकारी नौकरियों के नाम पर व्यापक भ्रष्टाचार होता था। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि पहले के समय में नौकरी पाने के इच्छुक युवाओं से अवैध रूप से पैसा लिया जाता था और उनकी योग्यता को नजरअंदाज कर केवल पैसे और सिफारिश के आधार पर नियुक्तियां होती थीं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें केवल अपने वोटबैंक को साधने के उद्देश्य से ही भर्ती करती थीं, जिससे योग्य और मेहनती युवाओं के अवसर सीमित रह गए।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस घोटाले की परंपरा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश में सरकारी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता के आधार पर की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जहां उम्मीदवारों को नौकरी पाने के लिए भारी रकम खर्च करनी पड़ती थी, अब ऑनलाइन और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती कराई जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश लगभग समाप्त हो गई है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी जोर देकर कहा कि प्रदेश में सभी योग्य युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं और कोई भी व्यक्ति अपने पद या राजनीतिक संपर्क के कारण अन्य लोगों से ऊपर नहीं है। उनकी सरकार की प्राथमिकता यह है कि हर युवा को निष्पक्ष तरीके से रोजगार मिले और प्रदेश की प्रतिभा को बढ़ावा मिले।
सीएम योगी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग पहले घोटाले में शामिल थे, आज वही सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि यूपी में अब रोजगार की नई संभावनाएं खुल रही हैं और युवाओं का विश्वास सरकार पर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करना और युवाओं को रोजगार के वास्तविक अवसर प्रदान करना है।



