
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों की नींव में लोकतंत्र, साझा मूल्य और परस्पर विश्वास निहित है। यह बैठक नई दिल्ली में हुई, जहां दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को और मज़बूत करने पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते केवल दो देशों के बीच साझेदारी नहीं हैं, बल्कि यह दो प्राचीन लोकतंत्रों के बीच गहरा संबंध है जो वैश्विक स्थिरता और शांति में योगदान देता है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बताया जा रहा है कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। पीएम मोदी ने ब्रिटिश कंपनियों को भारत में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों में निवेश करने का आमंत्रण दिया। वहीं, कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन भारत को एक प्रमुख वैश्विक साझेदार के रूप में देखता है और दोनों देशों के बीच संबंध और गहरे होंगे।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन दोनों ही लोकतांत्रिक परंपराओं से प्रेरित हैं, और यही समानता दोनों देशों को एक-दूसरे के और करीब लाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी 21वीं सदी के वैश्विक विकास की दिशा तय करेगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक भारत-यूके के बीच “कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” को नई दिशा देने वाली साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते भू-राजनीतिक माहौल में भारत और ब्रिटेन का साथ आना दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक हितों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। कुल मिलाकर, मोदी और स्टार्मर की यह मुलाकात भारत-ब्रिटेन संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिसकी नींव में लोकतंत्र और पारस्परिक सहयोग की भावना मजबूती से कायम है।



