
तुर्किए में मंगलवार सुबह आए 6.1 तीव्रता के भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। भूकंप के तेज झटके राजधानी अंकारा से लेकर इस्तांबुल और आसपास के इलाकों तक महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4:20 बजे आया, जिसका केंद्र उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई इमारतें पलभर में ढह गईं और लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। राहत एवं बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कई लोग घायल हुए हैं जबकि कुछ के हताहत होने की भी आशंका जताई जा रही है। अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे ऊंची या क्षतिग्रस्त इमारतों के पास न जाएं।
तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सभी एजेंसियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित इलाकों में हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएगी। सोशल मीडिया पर भूकंप के कई डरावने वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इमारतों के झूलने और लोगों के चीखते हुए बाहर भागने के दृश्य देखे जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तुर्किए भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में आता है और यहां अक्सर इस तरह के झटके महसूस किए जाते हैं। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किए जा सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
यह भूकंप एक बार फिर याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव निर्मित संरचनाएं कितनी असुरक्षित हैं। सरकार और नागरिकों दोनों को मिलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं से नुकसान कम करने के लिए बेहतर तैयारी करनी होगी।



