नोएडा एयरपोर्ट के पास हाई-टेक डेटा सेंटर की स्थापना, 7000 सर्वर रैक से बढ़ेगी डिजिटल ताकत

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पास एक अत्याधुनिक हाई-टेक डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई पहचान देने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह डेटा सेंटर करीब 7000 सर्वर रैक की क्षमता के साथ विकसित किया जाएगा, जो देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियों, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को विश्वस्तरीय सेवाएं प्रदान करेगा। इस परियोजना से क्षेत्र में आईटी और डिजिटल सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। खास बात यह है कि इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए लगभग 100 से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों को लाभ होगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बन चुके हैं। अब एयरपोर्ट के पास डेटा सेंटर की स्थापना से यहां की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधा का पूरा फायदा उठाया जा सकेगा। हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, मजबूत पावर बैकअप, ग्रीन एनर्जी के उपयोग और एडवांस कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस यह डेटा सेंटर पर्यावरण के अनुकूल भी होगा। इससे न केवल डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि राज्य को डेटा स्टोरेज और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहा यह डेटा सेंटर इकोसिस्टम भविष्य में बड़े निवेश को आकर्षित करेगा और उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करेगा। राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कंपनियां तेजी से यहां निवेश कर रही हैं। आने वाले समय में यह परियोजना डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में करियर के नए दरवाजे खोलेगी।



