‘ब्रह्मोस की पहुंच में पाकिस्तान की हर इंच जमीन’, फ्लैग ऑफ के बाद बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

भारत की रक्षा क्षमता को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ यूनिट से ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। यह वक्तव्य भारत की सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल को दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है, जो दुश्मन के ठिकानों को कुछ ही मिनटों में नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज अपने बलबूते पर न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के तहत हुआ है, जिससे देश की रक्षा आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। लखनऊ की ब्रह्मोस यूनिट से रवाना हुई यह खेप भारतीय रक्षा उद्योग के लिए गर्व का क्षण है।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत अब किसी पर निर्भर नहीं रहेगा। हमारी सेना और वैज्ञानिकों की क्षमता आज इस मुकाम पर है कि हम अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने पाकिस्तान और चीन को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि भारत शांति में विश्वास रखता है, लेकिन अगर किसी ने आंख उठाने की कोशिश की तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।
ब्रह्मोस की नई रेंज लगभग 450 से 800 किलोमीटर तक मानी जा रही है, जिससे यह पड़ोसी देशों के हर रणनीतिक ठिकाने तक पहुंच सकती है। इस मिसाइल के उत्पादन से भारत न केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा मजबूत कर रहा है, बल्कि यह भी संदेश दे रहा है कि देश अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।



