17 जिलों में बाढ़ का संकट, काशी में गंगा-वरुणा उफनाईं | CM योगी का निर्देश- मंत्री तुरंत फील्ड में उतरें, 13 शहरों में बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश इस समय बाढ़ संकट से जूझ रहा है। प्रदेश के 17 जिलों में गंगा और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। खासकर काशी (वाराणसी) में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात की गंभीरता को देखते हुए मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत फील्ड में उतरने का निर्देश दिया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से हो सके।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 बड़े शहरों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, गाजीपुर, मिर्जापुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोंडा और बहराइच जैसे जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने का खतरा है। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और राहत शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी में गंगा और वरुणा के जलस्तर में बढ़ोतरी से अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया है। लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। नाव चलाने पर भी प्रशासन ने पाबंदी लगाई है ताकि कोई हादसा न हो। ग्रामीण इलाकों में फसलें जलमग्न हो गई हैं और किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रबंधन विभाग और एनडीआरएफ की टीमों को सक्रिय कर दिया है। प्रभावित जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और राहत सामग्री जैसे कि भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाढ़ से जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और अतिरिक्त मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, शिक्षा विभाग ने कई जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश भी जारी किए हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रदेश सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रियों और अधिकारियों को प्रभावित जिलों में डेरा डालने और हर हाल में बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का आदेश दिया है। आने वाले दिनों में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन और स्थानीय लोग सतर्कता और सावधानी बरत रहे हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। काशी में गंगा-वरुणा का उफान इस संकट की तस्वीर को और भयावह बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश और प्रशासन की सक्रियता ही इस आपदा से निपटने की सबसे बड़ी उम्मीद है।



