कोहरे का कहर: शताब्दी एक्सप्रेस आज रद्द, दो हफ्तों से लेट चल रही थी, उड़ानें भी प्रभावित

घने कोहरे के चलते उत्तर भारत में एक बार फिर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी कोहरे की तीव्रता कम नहीं हुई, जिसका सीधा असर रेल और हवाई सेवाओं पर देखने को मिला। आज शताब्दी एक्सप्रेस को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया, जो बीते दो सप्ताह से लगातार देरी से चल रही थी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दृश्यता बेहद कम होने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया। कोहरे के कारण सिग्नल साफ दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे ट्रेन संचालन में जोखिम बढ़ गया था।
शताब्दी एक्सप्रेस के निरस्त होने से सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने पहले से होटल और अन्य जरूरी बुकिंग कर रखी थी, जिन्हें अब या तो रद्द करना पड़ा या अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली, वहीं रेलवे ने टिकट रिफंड और वैकल्पिक ट्रेनों की व्यवस्था की बात कही है। हालांकि, सीमित विकल्पों के कारण सभी यात्रियों को राहत नहीं मिल सकी।
रेल सेवाओं के साथ-साथ हवाई यातायात भी कोहरे की चपेट में आ गया। आज चार उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक दृश्यता मानक से नीचे चली गई थी, जिससे लैंडिंग और टेकऑफ संभव नहीं हो पाया। यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा और कई लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी छूट गईं। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को रिफंड या री-शेड्यूलिंग का विकल्प दिया है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ठंडी हवाओं और नमी के कारण सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने यात्रियों को सलाह दी है कि सफर से पहले ट्रेन और फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें और समय में अतिरिक्त गुंजाइश रखें।
कुल मिलाकर, कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रेल और हवाई यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं प्रशासन और संबंधित विभागों से उम्मीद है कि वे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेहतर प्रबंधन करेंगे।



