
स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह दुनिया का सबसे बड़ा NGO है, जो बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के समाज के लिए कार्य करता है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि RSS की जड़ें देशभक्ति और सामाजिक सेवा में गहराई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि चाहे प्राकृतिक आपदा हो, महामारी हो या किसी भी प्रकार का संकट, RSS के स्वयंसेवक सबसे पहले मौके पर पहुंचकर मदद करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी जोड़ा कि यह संगठन समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
मोदी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि आज जब दुनिया के सामने पर्यावरण संकट, सामाजिक असमानता और आर्थिक चुनौतियां हैं, तब RSS जैसे संगठनों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है और यह भाव वास्तव में प्रेरणादायक है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे राष्ट्र सेवा में सक्रिय रूप से भाग लें और RSS जैसी संस्थाओं से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। उन्होंने कहा कि “आज हमें अपने देश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और मजबूत बनाना है, और इसके लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।”
इतिहास में RSS की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। तब से लेकर अब तक इस संगठन ने सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के आधार पर करोड़ों स्वयंसेवकों को तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है, जो भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को मजबूत करती है।
अंत में, पीएम मोदी ने यह संदेश दिया कि देश की प्रगति के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और समाज के हित में काम करने वाली संस्थाओं को समर्थन देना होगा। उन्होंने दोहराया कि “RSS का सेवा भाव और समर्पण ही उसे दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली NGO बनाता है।”
इस तरह, स्वतंत्रता दिवस 2025 का यह भाषण केवल एक राजनीतिक संबोधन नहीं, बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बन गया, जिसमें पीएम मोदी ने RSS की भूमिका को विशेष सम्मान और मान्यता दी।



