सार्वजनिक स्थलों से हटे अवैध कब्जे: वाराणसी में CM योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों, सरकारी भूमि और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं और विकास कार्यों में बाधा डालने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जगह पर अतिक्रमण की स्थिति न बने। यदि कहीं अवैध कब्जा पाया जाता है तो तत्काल उसे हटाकर वहां पर जनसुविधा से जुड़े कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी विश्व स्तर पर एक आस्था और संस्कृति का केंद्र है। यहां प्रतिदिन लाखों लोग आते हैं, इसलिए साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन को ऐसे मामलों में किसी भी दबाव या अनुशंसा को दरकिनार कर कानून के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी। सीएम योगी ने कहा कि सरकार की मंशा विकास कार्यों को गति देने की है और इसमें किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा सबसे बड़ी बाधा बनता है।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि जिन छोटे व्यवसायियों या दुकानदारों की आजीविका प्रभावित होती है, उन्हें नियमानुसार उचित स्थान पर स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि कहीं अधिकारियों की उदासीनता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हाल के दिनों में यहां विकास कार्यों की रफ्तार तेज हुई है। गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में अतिक्रमण न केवल शहर की छवि को खराब करता है बल्कि लोगों की सुविधा और सुरक्षा पर भी असर डालता है।
योगी सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो और जनता को सुविधाजनक माहौल मिले। वाराणसी में सीएम योगी के इन सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के मूड में है। इसका उद्देश्य केवल अव्यवस्था को दूर करना ही नहीं, बल्कि शहर को विकास की नई दिशा देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक नगरी का निर्माण करना है।



