
भारत ने वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्टार्टअप्स के मामले में भारत ने ब्रिटेन को पछाड़ दिया है और अब वह दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले देशों में शामिल हो गया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इस उपलब्धि पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरा श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स की तेज़ रफ्तार विकास और नवाचार का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहल को जाता है।
भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप संस्कृति में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘स्टार्टअप इंडिया’ योजना ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने का अवसर दिया। आज भारत में 1 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न (1 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य वाले स्टार्टअप्स) हैं। इस तेजी ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी स्टार्टअप हब्स में से एक बना दिया है।
ऋषि सुनक ने अपने बयान में कहा कि भारत ने न केवल ब्रिटेन बल्कि कई विकसित देशों को भी स्टार्टअप्स के क्षेत्र में पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की युवा शक्ति, नवाचार की भावना और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और ब्रिटेन दोनों को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और निवेश के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की सफलता का श्रेय देश के युवा उद्यमियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों के माध्यम से स्टार्टअप्स को मजबूत आधार दिया है।
भारत का यह नया कीर्तिमान न केवल आर्थिक रूप से देश को सशक्त बना रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर उसकी छवि को भी नई ऊंचाई पर ले जा रहा है। स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भारत की यह सफलता आने वाले समय में देश को इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित कर सकती है।



