
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें “देश सुधार एक्सप्रेस” पर सवार होने का आह्वान किया। रोजगार मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि भारत के भविष्य को गढ़ने वाला सशक्त भागीदार है। उन्होंने इस अवसर को युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि यह सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि देश सेवा का अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नौकरियां देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर, कुशल और जिम्मेदार बनाना है, ताकि वे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में अपनी भूमिका निभा सकें।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बीते वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, तकनीक आधारित चयन और समयबद्ध नियुक्तियों ने युवाओं का भरोसा मजबूत किया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकारी सेवाओं में शामिल होकर युवा न केवल अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भाव के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और सरकारी तंत्र को और अधिक संवेदनशील व प्रभावी बनाने में सहयोग करें।
उन्होंने “देश सुधार एक्सप्रेस” को एक प्रतीक बताते हुए कहा कि यह वह यात्रा है, जिसमें हर युवा की भूमिका महत्वपूर्ण है। चाहे वह प्रशासन हो, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा या तकनीक का क्षेत्र—हर जगह युवा शक्ति भारत की गति को तेज कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है और इसमें युवाओं की मेहनत, नवाचार और ऊर्जा की सबसे बड़ी भूमिका है।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से लगातार सीखते रहने, कौशल बढ़ाने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का युवा वर्ग न केवल अपने सपनों को साकार करेगा, बल्कि देश को भी प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह नियुक्ति पत्र केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और विश्वास का प्रतीक है, जो युवाओं को देश के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ता है।



