
Indian Air Force की युद्धक क्षमता को और मजबूत करने के लिए 114 नए राफेल श्रेणी के लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच वायुसेना प्रमुख का France दौरा काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और लड़ाकू विमान सौदे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
भारत पहले ही फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान हासिल कर चुका है, जिन्हें वायुसेना की सबसे आधुनिक और घातक संपत्तियों में गिना जाता है। नए विमानों की संभावित खरीद का उद्देश्य वायुसेना के पुराने हो रहे बेड़े को आधुनिक बनाना और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सौदा आगे बढ़ता है तो इससे भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा उत्पादन में तकनीकी हस्तांतरण जैसे पहलुओं पर भी विशेष जोर दिया जा सकता है। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है और यह संभावित सौदा उसी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार माना जा रहा है।



