
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान खींच लिया है। हाल ही में भारतीय सेना द्वारा दी गई कड़ी चेतावनी के बाद पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मच गया है। भारत ने साफ कहा है कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद और सीमा पार गोलाबारी की हरकतें नहीं रोकीं, तो इसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा सख्त तरीके से दिया जाएगा। इस बयान के बाद पाकिस्तान की सेना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की “आक्रामक नीति” से क्षेत्रीय शांति को खतरा हो सकता है और इससे “विनाशकारी तबाही” की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय खुफिया एजेंसियों को हाल के दिनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से सक्रिय आतंकी गतिविधियों की जानकारी मिली है। इन घटनाओं को देखते हुए भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी उकसावे का करारा जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने बार-बार आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में भी पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन करने वाला देश बताया था। वहीं, पाकिस्तान इस मुद्दे पर खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसके अंदरूनी हालात और राजनीतिक अस्थिरता ने उसकी साख को और कमजोर कर दिया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब “नई नीति” पर काम कर रहा है, जिसमें आतंक के हर स्रोत पर सीधा प्रहार करने की रणनीति शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कई मौकों पर कहा है कि भारत अब केवल “चेतावनी” नहीं, बल्कि “कार्रवाई” में विश्वास रखता है।
सीमा पर लगातार बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति ने दोनों देशों की सेनाओं को उच्च सतर्कता पर ला दिया है। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी नीति “पहले हमला नहीं, लेकिन जवाब जरूर” की है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस तनाव पर नजर रखे हुए है, क्योंकि किसी भी गलत कदम से दक्षिण एशिया में बड़े युद्ध का खतरा मंडरा सकता है।



