
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम का ऐतिहासिक शहर जोरहाट (Jorhat) आज दुनिया के सबसे तेजी से उभरते ट्रैवल डेस्टिनेशनों में शामिल हो गया है। हाल ही में जारी एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे रिपोर्ट में जोरहाट ने बर्लिन (जर्मनी) और लंगकावी (मलेशिया) जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि भारतीय टूरिज्म सेक्टर के लिए बड़ी बात है, क्योंकि यह दर्शाती है कि भारतीय पर्यटक अब विदेशी शहरों की बजाय देश के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
जोरहाट को ‘गेटवे टू माजुली आइलैंड’ कहा जाता है, जो विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यहां ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे फैली हरियाली, चाय के विशाल बागान, और असमिया संस्कृति का गहरा प्रभाव पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है। यहां की शांति, हरियाली और स्थानीय जनजातीय परंपराएं इसे विशिष्ट बनाती हैं।
जोरहाट में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध स्थल हैं — जैसे थेंगलगांव हेरिटेज टी एस्टेट, गिबन वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, तोकलाई टी रिसर्च सेंटर, और माजुली द्वीप के सत्र। इन जगहों पर जाकर पर्यटक न केवल प्रकृति का आनंद ले सकते हैं बल्कि असम की पारंपरिक कला, संगीत और खानपान का भी स्वाद ले सकते हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, जोरहाट को ट्रेंडिंग डेस्टिनेशन बनने में असम सरकार की हालिया पर्यटन नीतियों, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी तथा सोशल मीडिया पर इसके बढ़ते प्रचार ने अहम भूमिका निभाई है। युवा ट्रैवलर्स अब यहां एडवेंचर एक्टिविटीज, इको-टूरिज्म और लोकल होमस्टे के अनुभव के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
कुल मिलाकर, जोरहाट का यह उभरता पर्यटन परिदृश्य इस बात का प्रतीक है कि भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य भी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आने वाले वर्षों में जोरहाट न केवल भारत बल्कि एशिया के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक बन सकता है।



