माघ मेला 2026: CM योगी का सख्त आदेश, फील्ड में उतरें अधिकारी, श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि

माघ मेला को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं और स्पष्ट कहा है कि सभी संबंधित अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला आस्था और विश्वास का महापर्व है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, घाटों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए। CM योगी ने कहा कि भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए पुलिस और प्रशासन आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं से शालीन व्यवहार रखा जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि माघ मेला राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी व्यवस्थाएं प्रदेश की छवि को दर्शाती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने, एंबुलेंस और मेडिकल कैंप पर्याप्त संख्या में लगाने तथा ठंड को देखते हुए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नगर निगम और ग्रामीण विभाग को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था करने और घाटों को स्वच्छ बनाए रखने को कहा गया। मुख्यमंत्री योगी ने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने नियमित निरीक्षण, फीडबैक सिस्टम और कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने पर जोर दिया, ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई हो सके। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री का संदेश साफ है कि माघ मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सकारात्मक अनुभव के साथ संगम स्नान कर सकें।



