
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 सितंबर 2025 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 126वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस बार का एपिसोड विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा, जिसमें उन्होंने भारतीय नौसेना की दो महिला अफसरों — लेफ्टिनेंट कमांडर जोशी और चौधरी — की प्रशंसा की, जिन्होंने अकेले ही भारत की सागर परिक्रमा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह साहसिक कार्य न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि भारत की जलशक्ति और आत्मविश्वास का भी परिचायक है।
प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों — विशेष रूप से दशहरा, दिवाली और छठ पूजा — का भी उल्लेख किया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इन पावन अवसरों पर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उनका संदेश स्पष्ट था: “जो लोकल है, वही ग्लोबल बन सकता है।” उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान की जाने वाली खरीदारी में अगर हम ‘मेक इन इंडिया’ को अपनाएं, तो देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय परंपरा और आधुनिकता का संतुलन बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली और छठ जैसे पर्व न केवल हमारे सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक हैं, बल्कि यह सामूहिकता, समर्पण और सत्कार की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आने वाले सभी पर्वों की शुभकामनाएं दीं और आग्रह किया कि हर भारतीय अपने क्रय व्यवहार के माध्यम से देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए। यह मन की बात, प्रेरणा, देशभक्ति और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश लेकर आई।



