मॉरीशस PM का अयोध्या दौरा: पत्नी वीणा संग रामलला के दर्शन, सीएम योगी ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत

अयोध्या धाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना जब मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ अपनी पत्नी वीणा जगन्नाथ के साथ यहां पहुंचे। इस विशेष दौरे का उद्देश्य भगवान श्रीरामलला के दर्शन और भव्य राम मंदिर में पूजा-अर्चना करना है। उनकी आगवानी स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या एयरपोर्ट पर पहुंचकर की। इस दौरान पारंपरिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां दोनों देशों की संस्कृति और आध्यात्मिक संबंधों की झलक दिखाई दी।
प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ का यह दौरा भारत और मॉरीशस के गहरे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रिश्तों को और भी मजबूती देने वाला है। गौरतलब है कि प्रविंद जगन्नाथ के पूर्वज भी भारतीय मूल से जुड़े रहे हैं और उनकी भावनाएं भारतीय संस्कृति और विशेषकर अयोध्या से गहराई से जुड़ी हैं। यही कारण है कि वे अपनी पत्नी के साथ इस पावन धरा पर आए और भगवान श्रीराम से आशीर्वाद प्राप्त किया।
रामलला के दर्शन के दौरान जगन्नाथ दंपति ने विशेष पूजा की और मंदिर परिसर के भव्य स्वरूप को देखा। मंदिर के वास्तुशिल्प और दिव्यता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या आना उनके लिए किसी आध्यात्मिक तपस्या से कम नहीं है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें अयोध्या के महत्व और राम मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा के बारे में जानकारी दी।
यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से अहम है बल्कि भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीक भी है। भारत हमेशा से मॉरीशस को अपना ‘सांस्कृतिक भाई’ मानता आया है, और यह यात्रा उस भाव को और अधिक मजबूत करती है। प्रविंद जगन्नाथ ने अयोध्या पहुंचकर यह भी कहा कि भारत के साथ संबंध मॉरीशस के लिए गौरव की बात है और वह अपने देशवासियों के लिए रामलला का आशीर्वाद लेकर जाएंगे।
शहरवासियों और श्रद्धालुओं में भी इस दौरे को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर सजावट की और विदेश से आए इस विशेष मेहमान का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरा अयोध्या शहर दीपों और पुष्पमालाओं से सजा हुआ नजर आया।
कुल मिलाकर, मॉरीशस पीएम प्रविंद जगन्नाथ का यह अयोध्या दौरा भारत की आध्यात्मिक धरोहर और वैश्विक स्तर पर उसकी सांस्कृतिक महत्ता को एक बार फिर सामने लाने वाला साबित हुआ है। यह यात्रा आने वाले समय में भारत-मॉरीशस संबंधों को और गहराई देगी तथा अयोध्या की महिमा को विश्व पटल पर और अधिक उजागर करेगी।



