
हाल ही में सामने आई बड़ी खबर ने पूरे आतंकवाद नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर से जुड़ी जानकारी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। ऑपरेशन “सिंदूर” के तहत भारतीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों ने जिस रणनीति के साथ काम किया, उसके नतीजे अब स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं। जैश के एक शीर्ष कमांडर ने यह स्वीकार किया है कि मसूद अजहर का पूरा परिवार मारा जा चुका है। यह कबूलनामा न सिर्फ पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंकवाद की सच्चाई उजागर करता है बल्कि भारत की सख्त नीति और निर्णायक कार्रवाई का भी प्रमाण है।
मसूद अजहर, जिसे कंधार हाईजैक प्रकरण के बाद भारत को छोड़ना पड़ा था, लंबे समय से पाकिस्तान की शरण में बैठकर भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। पुलवामा हमले से लेकर कश्मीर घाटी में अनेक आतंकी हमलों तक, उसका नाम हमेशा सामने आता रहा है। लेकिन ऑपरेशन “सिंदूर” के बाद हालात बदल चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार्रवाई में न सिर्फ मसूद अजहर का नेटवर्क बुरी तरह से ध्वस्त हुआ बल्कि उसके नजदीकी रिश्तेदार और पूरा परिवार भी मारा गया।
जैश कमांडर के कबूलनामे के अनुसार, पाकिस्तान की सरकार और सेना अब इस सच को छिपाने की कोशिश कर रही है। करोड़ों रुपये खर्च करके आतंकी ठिकानों का पुनर्निर्माण करवाया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि जैश की रीढ़ पर गहरी चोट पड़ी है। मसूद अजहर, जो अब भी बीमार हालत में कहीं छिपा बैठा है, अपने संगठन को पहले जैसी ताकत नहीं दे पा रहा।
भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद यह तीसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने दुश्मन को गहरी चोट पहुंचाई है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की “ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी” अब नतीजे देने लगी है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की इस कार्रवाई को समर्थन मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पहले ही मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर चुकी है, और अब उसके परिवार के खात्मे की खबर ने जैश की कमर तोड़ दी है।
यह घटना न सिर्फ भारत की सुरक्षा नीति की जीत है बल्कि उन शहीदों को भी न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान न्यौछावर की। ऑपरेशन “सिंदूर” आने वाले समय में आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक रणनीति का एक अहम उदाहरण बनेगा। अब साफ है कि आतंक के सरगना चाहे कहीं भी छिपे हों, भारत उन्हें उनके अंजाम तक जरूर पहुंचाएगा।



