
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय भूटान दौरे पर पहुंचे, लेकिन इस बार उनका चेहरा सामान्य नहीं था। दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास हुए धमाके की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया, और इसी संदर्भ में पीएम मोदी ने भूटान पहुंचते ही अपना दर्द और चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैं दुखी मन से भूटान आया हूं। दिल्ली में जो हुआ, उसने देशवासियों का दिल दुखाया है। लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूं कि भारत आतंकवाद के सामने कभी झुकेगा नहीं।”
भूटान की राजधानी थिम्फू में आयोजित स्वागत समारोह में पीएम मोदी ने इस घटना पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि सरकार ने इस हमले के दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता से जांच में जुटी हैं और किसी भी कीमत पर आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की नीति “शून्य सहनशीलता” की है और जो भी देश या संगठन ऐसी हरकतों को बढ़ावा देगा, उसे कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरिंग टोबगे के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि भारत और भूटान के बीच विश्वास और सहयोग की परंपरा ने दोनों देशों को हमेशा मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की दिशा में और भी सक्रियता से काम करेगा। पीएम मोदी ने भूटान की जनता का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के बाद भारत के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल कूटनीतिक महत्व का नहीं रहा, बल्कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर संदेश भी शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की शांति सर्वोच्च प्राथमिकता है। मोदी का यह बयान न केवल देशवासियों के लिए भरोसे का संदेश है, बल्कि उन ताकतों के लिए चेतावनी भी, जो भारत की शांति और एकता को चुनौती देना चाहती हैं। प्रधानमंत्री का “दुखी मन से आया हूं, लेकिन देश नहीं झुकेगा” वाला वक्तव्य आज पूरे देश में गूंज रहा है और नागरिकों के मन में एकजुटता की नई भावना जगा रहा है।



